*अज्ञानी होना उतनी शर्म की बात नहीं है, जितना कि सीखने की इच्छा न करना !
*मौन एक साधना है ! किन्तु सोच समझकर बोलना एक कला है !
*वो हाथ सदा पवित्र होते हैं, जो प्रार्थना से ज्यादा सेवा के लिए उठते हैं !
*एकान्त में भी गुनाह करने से बचो, क्योंकि इसका गवाह स्वयं ईश्वर होता है !
*ईश्वर चित्र में नहीं, चरित्र में बसता है, अपनी आत्मा को मन्दिर बनाओ !
*लक्ष्य के आधे रास्ते से वापस लौटने पर भी आधा रास्ता तय करना पड़ता है !
*नकारात्मक विचारों को सकारात्मक विचारों से बदलने पर नतीजे स्वतः ही सकारात्मक होने लगते हैं !
*जीवन में सिर्फ जीना मायने नहीं रखता, बल्कि सच्चाई के साथ जीना मायने रखता है !
*दूसरे आपके बारे में क्या सोचते हैं, और आप अपने बारे में क्या विचार रखते हैं, ज्यादा अहम बात है !
- *फूल यूही नहीं खिलते, बीज को दफन होना पड़ता है !